RAJ KAMAL - कांतिलाल गोडबोले फ्राम किशनगंज

सोचो ज़रा हट के

203 Posts

6518 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 1662 postid : 1270

“कमेन्ट के कोड का पोस्टमार्टम”

Posted On: 7 Jul, 2011 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

प्रिय ब्लागर साथियो
सबसे पहले तो मैं इस लेख के द्वारा जागरण का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ की आपके प्रयासों से हमे अवान्छित तत्वों से छुटकारा तो मिल गया है ,लेकिन इस प्रयास में हमारे लिए कमेन्ट करने की जो नई सुरक्षित व्यवस्था की गई है उसके कारण हम सभी को बहुत सी दिक्कते भी आ रही है …..
बहुत से साथी चाहते हुए भी अपना कमेन्ट नहीं दे पाते , क्योंकि जब कई बार प्रयास करने के बाद भी उनको सफलता नहीं मिलती तो वोह हताशा तथा खीझ में लाग आफ करके चैन की नींद सोने चले जाते है …. लेकिन मैं उनको कहना चाहता हूँ की अगर चैन से सोना है तो जाग जाओ और हर हालत में कमेन्ट करो ….. वर्ना लेखकों की रूहे +हसरते तथा आशाये तुमको परेशान करेंगी ….
मुझको कमेन्ट करने में शुरू -२ में यह दिक्कत आई की कोड वाला बाक्स (कैप्चा ) ही गायब रहता था ….. इसलिए मैंने “नया राजकमल” के नाम से सिर्फ कमेन्ट करने के लिए एक नया खाता बना लिया था …..लेकिन जब जागरण के तकनीकी विभाग ने चैक करने के बाद बताया की मैं कमेन्ट कर सकता हूँ तो मैंने अपना जुगाड़ीआ दिमाग लगाया ….. फिर उसका हल मुझको यह मिला की एक बार खुले हुए पेज को फिर से दुबारा से खोलने पर कैप्चा जी महाराज दर्शन देने लग गए ….. और मेरे हठयोग के सामने हथियार डालते हुए करीब एक हफ्ते के बाद खुदबखुद ही पहली बार ही नज़र भी आने लग गए …..
अब मुझको कोई भी खास दिक्कत नहीं है लेकिन कुछेक साथीओ की दिक्कत को ध्यान में रखते हुए मैं यह लेख आप सभी की सुविधा के लिए पेश करने जा रहा हूँ ….. आप सभी से यह अनुरोध है की कमेन्ट करते वक्त निम्नलिखित बातो को ध्यान में रखे :-
*अगर आपको कोड साफ़ साफ़ दिखाई नहीं दे रहा है तो आप उसके सामने वाले खाने में जो तीन बटन है उनमे से सबसे पहले वाले पर क्लिक करेंगे तो आपके पास नया चैलेन्ज (कोड ) आ जायेगा …..*कैप्चा बाक्स में कोड हमेशा ही दो अलग शब्दों से मिल कर बना होता है इसलिए उनके बीच में स्पेस जरूर दे …..
*अक्सर ही किसी एक अक्षर के साथ उसी तरह का ही दूसरा अक्षर मिला रहता है , जिसके कारण उसको पढ़ने में आपको दिक्कत आ सकती है …..
अगर C के साथ C मिला हुआ है तो आप उसको पति –पत्नी की तरह 1+1= 3 ( C +C =E) समझने की भूल कतई मत करे
बल्कि उसकी बजाय इसको प्रेमी –प्रेमिका की तरह दो जिस्म और एक जान (1+1= 1) यानि की C+C= C ही समझे ……
*कई बार किसी अक्षर के अंत में कोमा या फुलस्टाप + कोई और सिम्बल दिखाई दे सकता है –आप अगर उसको इग्नोर कर देते है तब भी कोई बड़ी बात नहीं होगी ….
*शब्द में अगर कोई -२ अक्षर कैपिटल लैटर में है तो उसको उसी रूप में ही लिखे …..
*अक्सर ही दो शब्दों में से एक ऐसा होता है जोकि हमने पहले पढ़ा या देखा होता है , जिसका की कोई मतलब निकलता है ….. जैसे की capital + symbol ….. अगर इनमे से symbol में आपको “S” की जगह केवल एक मोटी रेखा ही नजर आती है तो बिना झिझक उसको “S” ही समझे……
*कई बार किसी -२ शब्द का आपको अंदाजा ही लगाना होगा ….जैसे की Q का आपको सिर्फ उपरी हिस्सा ही दिखाई देगा उसकी बुढापे वाली बिना लाठी के …..
*इसी प्रकार Y + G + J को किसी सुहागन की तरह से उनके अन्त में लगी बिन्दी से पहचाने …..
*शायद कभी -२ आपकी अच्छी किस्मत से दो शब्दों में से एक के शब्द उल्टा करके लिखा हो सकता है – यानि की शीर्षासन करते हुए ….. आपसे गुजारिश है की उनको इस हालत में देख कर आप भी शीर्षासन करने की बजाय दर्पण का इस्तेमाल करे …..
*अगर दो शब्दों में से एक में शब्दों की बजाय अंक लिखे है तो उनको अंको में ही लिखे , अगर उनको किसी लाइन से काटा गया है तो तनिक भी घबराए बगैर उसकी परवाह मत करे, इसी में आपकी भलाई है …..

*कुछेक साथियो की यह भी शिकायत प्राप्त हुई है की जिस प्रकार पहले वाली कोड प्रणाली में कोड मन्जूर ना होने पर कमेन्ट की सामग्री कम से कम वापिस तो आ जाती थी , उसकी बजाय इस नई प्रणाली में कमेन्ट की विषय वस्तु कमेन्ट के नामंजूर होने की सूरत में ऐसे गायब हो जाती है जैसे की गधे के सिर पर से सींग ….. 

 

                                इसके लिए आप अपना कमेन्ट लिखने के बाद –उसको पोस्ट करने से पहले अपने माउस में ही सेव करके रख ले ….. फिर अगर आपको दुबारा प्रयास करना पड़े तो आप अपने माउस (चूहे ) से सेव किया हुआ कमेन्ट पेस्ट करके अपना कीमती समय बचा सकते है ……
मैं आशा करता हूँ की मेरे द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल करके आपकी अगर कोई कमेन्ट करने + लिखने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत है तो वोह दूर हो जायेगी …..
इसी के साथ -२ मैं जागरण को भी सुझाव देना चाहूँगा की शब्दों + अक्षरों का रंग काले से बदल कर अगर हरा कर सके तो हम सभी को बहुत ही सुविधा होगी ….. क्योंकि हम सभी सावन के अन्धे है इसलिए किसी और रंग की बजाय हमको हरा कुछ ज्यादा ही माफिक रहेगा ….
आप सभी का शुभचिन्तक
राजकमल शर्मा

“कमेन्ट के कोड का पोस्टमार्टम”

| NEXT

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 3.75 out of 5)
Loading ... Loading ...

51 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
July 20, 2011

राजकमल को आखिर राजहंस ही पहचान सकता है चाहे भ्रमर बन उसके आगोश में ही क्यों न रह जाये. सूर्य निकलेगा और भ्रमर की गुंजार से वातावरण गुंजित हो जायेगा. साधुवाद! जे यल सिंह जी की एक प्यारी प्रतिक्रिया मेरे पोस्ट राज कमल है पूजा जाता आप को नजर …भ्रमर ५

    newrajkamal के द्वारा
    July 21, 2011

    आदरणीय भ्रमर जी …..सादर प्रणाम ! आपकी इस हरकत से यह जग जाहिर हो गया है की इमानदारी आज भी इस संसार में किसी न किसी रूप में जिन्दा है , सलाम ! आपका तहेदिल से शुक्रिया

Abdul Rashid के द्वारा
July 11, 2011

नम्स्कार राजकमल जी बेह्तरीन लेख में फायदेमंद सुझाव यानी आम के आम गुठलियोँ के दाम

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 12, 2011

    आदरणीय डाक्टर साहिब …..सादर अभिवादन इन गर्मियो में आमो के मौसम में अगर इस लेख ने आपको आमो का मजा दिया है तो यह जान कर मुझको भी बहुत ही खुशी हुई …. अगर हम इस दुनिया में न सही तो कम से कम इस मंच पर तो किसी हद तक एक दूसरे के काम आ ही सकते है ….. आपका बहुत -२ शुक्रिया

    Abdul Rashid के द्वारा
    July 12, 2011

    आदरणीय राजकमल जी मै चिकित्सक नहीं हूँ मै अस्पताल का मैनेजमेंट देखता हूँ. मेरा मतलब मात्र इतना था के मैंने आपके लेख पर प्रतिक्रीया देर से दिया इसका करण बताना था क्योकि बहुत कम समय में आपसे लगाव सा हों गया है.

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 13, 2011

    आदरणीय रशीद जी ….आदाब ! यह लगाव एक तरफ़ा नहीं बल्कि दोतरफा है -दोनी तरफ है आग बराबर लगी हुई ….. आपने अच्छा किया जो इसको कल बता दिया था , नहीं तो मैं आपसे एक प्रश्न पूछने वाला था …. आपका आभारी :) :( ;) :o 8-) :|

अजय कुमार झा के द्वारा
July 9, 2011

बहुत ही बढिया जानकारी

    rajkamal के द्वारा
    July 10, 2011

    झा जी ….नमस्कार ! लेख को पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार

    Maribel के द्वारा
    November 28, 2013

    I think you hit a bullesye there fellas!

aditya के द्वारा
July 9, 2011

राजकमल जी नमस्कार ! कमेन्ट कोड का पोस्टमार्टम करके अपने इसका हल निकल दिया हैं. बधाई. किन्तु एक और समस्या है प्रभु, कृपया इसे भी हल करवा दीजिये, कि एक ब्लोगर एक दिन में एक ही ब्लॉग लिख पाए. अक्सर हम देखते हैं कि जागरण जंक्शन पर कुछ ब्लोगर्स एक दिन में कई-कई ब्लॉग अपलोड कर देते हैं. इस कारण कई अपेक्षाकृत उपयोगी ब्लॉग जल्दी ही दूसरे पेज पर चले जाते हैं. और ये तो सर्व विदित है की पहले पेज पर पाठकों की दृष्टि सर्वाधिक पड़ती है. इसी प्रकार दो ही दिन में ब्लॉग कई पेज पीछे चला जाता है. मैं इस बारे में ऐसे ब्लोगर्स के ब्लॉग पर व्यक्तिगत रूप से प्रतिक्रिया व्यक्त करके इस प्रकार का निवेदन कर चुका हूँ, किन्तु कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. कृपया कुछ इस प्रकार किया जाये, की एक ब्लोगर का केवल एक पोस्ट ही एक दिन में पब्लिश हो, जिससे सभी को मौका मिलेगा. आपका आदित्य http://www.aditya.jagranjunction.com

    rajkamal के द्वारा
    July 10, 2011

    आदरणीय आदित्य जी …..सादर अभिवादन ! मैंने भी आपकी तरह से कई बार कोशिश की है इनको समझाने की लेकिन यह कुत्ते की टेढ़ी पूंछ की मानिंद ऐसे लोग है जोकि सीधा होने का नाम ही नहीं ले रहे …. इसके दो ही उपाय है :- *इनके ब्लॉग पर लानत म्लानत वाली टिप्पणी की जाय *जागरण के फीडबैक पर अपनी आपत्ति दर्ज करवाई जाए …. मैं भी इस मामले में आपके साथ हूँ …. आभार सहित

Ramesh Bajpai के द्वारा
July 9, 2011

प्रिय श्री राज जी इस दुखद समाचार से हम सब स्तब्ध है | हम तो उनके लिए दुवाये व प्रार्थना कर रहे थे | इस विषम परिस्थिति में हम सब प्रिय श्री अबोध जी के व उनके प्रिय जनों के साथ है | परमात्मा उन सभी को इस घडी का सामना करने का साहस प्रदान करे | मई लिंक पर नहीं पहुच पाया ,इस लिए यहाँ लिख रहा हु | यदि यह पोस्ट हो गया तो आप इसे वहा पेस्ट करने का कष्ट करेगे | लिंक पर फिर कोशिश कर रहा हु |

    rajkamal के द्वारा
    July 10, 2011

    आदरणीय वाजपेई जी ….सादर प्रणाम ! आप ही की तरह सभी यहाँ पर इस दुखद समाचार से बहुत ही दुखी है …. आप का सन्देश उनके ब्लॉग पर पहुंचा दिया गया है ….. धन्यवाद सहित आभार

K M Mishra के द्वारा
July 8, 2011

बिना गुरु के ज्ञान कहाँ मिलता है. अब देखते हैं की कमेन्ट पहुंचाता है की नहीं. राजू डीअर को जय रामजी की . 

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 10, 2011

    Saul atrntio आदरणीय गुरुवर …..चरणवन्दना (वन्दना वाली नहीं चरणों वाली ) क्यों मुझ नाचीज शिष्य को शर्मिन्दा कर रहे है …. आपका निशाना हमेशा ही अचूक होता है भला वोह भी कभी चूक सकता है ….. आभार सहित जय सियाराम इधर आपकी कोई भी नयी पोस्ट काफी दिनों से नहीं आई अब तो तडीपार की अवधि भी कब की समाप्त हो चुकी है फिर काहे की देरी ? आभार सहित जय सियाराम

anoop pandey के द्वारा
July 8, 2011

राजकमल जी पेशानियाँ अभी और भी हैं…….आपने इस मंच के सुधर के लिए सतत प्रयास किये है और जागरण आपकी सुनता भी है अतः आपके सज्ञान में डाल रहा हूँ १- अपना ब्लॉग तो edit किया जा सकता है पर कमेन्ट नहीं… २- ब्लॉग पर प्रतिक्रिया की सूचना मेल पर आती है पर कमेन्ट का फालो अप खुद ही करना पड़ता है ३- फोटो अपलोड करने में ३ ही फॉर्मेट मान्य हैं…..इस वजह से अभी तक मेरे अवतार के मुख पर कालिख पुती हुई है. ४-ब्लॉग लिखने के लिए दिया गया बॉक्स अड़ियल है…….कुछ भी लम्बा लिखो तो भी वो बारम्बार पहली लाइन पर अटका रहता है……. हो सकता है की मेरी समझ का कुछ फेर हो…….फिर भी आपसे निवेदन है की इन संकटो का भी निवारण करें.

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 10, 2011

    rallityu covered प्रिय अनूप जी ….नमस्कार ! मैं कोई इतना जानकार तो नहीं लेकिन जितनी भी मुझको थोड़ी बहुत समझ है उसके अनुसार बताता हूँ ……. *आप अपने डैशबोर्ड के निचे कमेंट्स पर क्लिक करेंगे तो आपको कमेन्ट दिखलाई देंगे ….. हरेक कमेन्ट के नीचे एडिट का भी आप्शन है , जहाँ पर कलिल करके आप उसको बदल सकते है … आप इसको अपनी फेवरिट की सूचि में रख ले , इसकी के साथ #comment #edit post #add new post #dashboard को भी अपनी फेवरिट की लिस्ट में सम्भाल कर रख ले ….. *आप अपनी नई रचना को आफलाइन माइक्रोसाफ्ट आफिस में लिख कर सेव कर लिया करे ….फिर उसको कापी पेस्ट करके aad new post में पेस्ट कर दिया करे …. *फोटो अपलोड करने में तो हर किसी को अनेक दिक्कते आती है , बस आप भी हमारी तरह लगे रहिये धैर्यपूर्वक – देर सबेर कामयाबी आपके भी कदम जरूर चूमेगी ….. *आप अपनी फेवरिट की लिस्ट में से जब भी EDIT – COMMENTS को खोलेंगे तो आपको आपकी रचनायो पर आये हुए सभी नवीनतम कमेन्ट सिलसिलेवार दिखलाई पड़ेगे …… कम्प्युटर पर हिंदी में लिखना अपने इस लेख का लिंक मैं आपके किसी ब्लॉग पर जल्द ही भेज दूँगा ….. आपका आभारी

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 10, 2011

    rallityu covered प्रिय अनूप जी ….नमस्कार ! मैं कोई इतना जानकार तो नहीं लेकिन जितनी भी मुझको थोड़ी बहुत समझ है उसके अनुसार बताता हूँ ……. *आप अपने डैशबोर्ड के निचे कमेंट्स पर क्लिक करेंगे तो आपको कमेन्ट दिखलाई देंगे ….. हरेक कमेन्ट के नीचे एडिट का भी आप्शन है , जहाँ पर कलिल करके आप उसको बदल सकते है … आप इसको अपनी फेवरिट की सूचि में रख ले , इसकी के साथ #EDIT commentS #edit post #add new post #dashboard को भी अपनी फेवरिट की लिस्ट में सम्भाल कर रख ले ….. *आप अपनी नई रचना को आफलाइन माइक्रोसाफ्ट आफिस में लिख कर सेव कर लिया करे ….फिर उसको कापी पेस्ट करके aad new post में पेस्ट कर दिया करे …. *फोटो अपलोड करने में तो हर किसी को अनेक दिक्कते आती है , बस आप भी हमारी तरह लगे रहिये धैर्यपूर्वक – देर सबेर कामयाबी आपके भी कदम जरूर चूमेगी ….. yddresi police *आप अपनी फेवरिट की लिस्ट में से जब भी EDIT – COMMENTS को खोलेंगे तो आपको आपकी रचनायो पर आये हुए सभी नवीनतम कमेन्ट सिलसिलेवार दिखलाई पड़ेगे …… कम्प्युटर पर हिंदी में लिखना अपने इस लेख का लिंक मैं आपके किसी ब्लॉग पर जल्द ही भेज दूँगा ….. आपका आभारी

    anoop pandey के द्वारा
    July 11, 2011

    राजकमल जी धन्यवाद्

RaJ के द्वारा
July 7, 2011

राजकमल जी बदलाव अक्सर असुविधाजनक होते है पर धीरे धीरे आदत हो जाती मैं आशान्वित हूँ कि यह परिवर्तन भी अक्सर आदत में बदल जायेगा | पर कोमेंट न देने कोई बहना न चलेगा

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 10, 2011

    आदरणीय राज जी …..सादर अभिवादन ! मैं भी इसी विचारधारा का समर्थक हूँ की कमेन्ट की गंगोत्री अविरल बहती  रहनी चाहिए ….kisiकभी तरह का बहाना तथा रुकावट के लिए खेद नाकाबिले बर्दाश्त है ….. आपका तहेदिल से शुक्रिया locate tseticep

manoranjan thakur के द्वारा
July 7, 2011

सही कहा आपने प्रक्रिया जरूर सरल होनी चाहिए

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 10, 2011

    eadran 2000 aadrniy ठाकर साहिब ……. सादर अभिवादन ! अगर प्रकिर्या सरल होगी तो हमारा कितना समय तथा उर्जा की बचत होगी ….. हमती जताने तथा समर्थन प्रदान करने के लिए आपका बहुत -२ आभार

allrounder के द्वारा
July 7, 2011

बहुत – बहुत धन्यबाद राजकमल भाई हम सब साथियों को पेश आ रही दिक्कतों को दूर करते इस पोस्टमार्टम के लिए !

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    प्रिय सचिन भाई ….नमस्कार ! वैसे तो सभी यहाँ पर विद्वान और विदुषी जन है ….. असल में इनको कोई क्या बतला सकता है ? ….. ज्यादातर बाते कुछेक ब्लागरो को छोड़ कर सभी जानते ही है …. इसलिए अपने अनुभव आप सभी के साथ बांटने की हिम्मत कर पाया की अगर कोई एक प्वाइंट भी किसी के काम आ जाए तो यह लेख उपयोगी बन जाएगा इसी के साथ मन में एक दबी हुई इच्छा भी थी की हो सकता है की जागरण की टीम की नजर में हमारी परेशानिया आ जाने पर शायद उनका कोई निदान भविष्य में निकल सके ….. आपके द्वारा दिए गए साथ और समर्थन के लिए आपका तहेदिल से शुक्रिया

Tamanna के द्वारा
July 7, 2011

आपका व्यंग्यात्मक लहजा किसी भी विषय में जान भर देता हैं. आपकी यह रचना एक ऐसा ही उदाहरण हैं.

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    आदरणीय तमन्ना जी …..नमस्कार ! बहुत कुछ उल्टासीधा सोचना पड़ता है + शीर्षासन करना पड़ता है ….. उसमे भी आखिर तक रिस्क बना रहता है +मन में डर बना रहता है की पता नहीं पढ़ने वाला उसको किस नजरिये से देखे + किस तरीके से पढ़े ….. कई बार लेखक कुछ और कहना चाहता है तो पाठक उसको कुछ और समझ लेता है सभी के लिए समान रूप से कही गई बात को केवल खुद पर ही व्यक्तिगत रूप में ले लेता है ….. अब तो आदत हो गई है कुछेक लोग +दोस्त हर समय नाराज़ ही रहते है ….. यह लिस्ट बदलती रहती है +सुधरती रहती है …. लेख को पसन्द करने के लिए आपका बहुत -२ आभार

Dharmesh Tiwari के द्वारा
July 7, 2011

आदरणीय राजकमल जी सादर प्रणाम,,,,,,,,,,,क्या बात है भाई साहब आपने तो जबरदस्त पोस्टमार्टम कर डाला कमेन्ट के कोड का,,,,,,,,धन्यवाद!

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    प्रिय धर्मेश जी ….. नमस्कार ! यह आप की जर्रानवाजी है की आप इस लेख को इतनी रेटिंग दे रहे है ….. वैसे मैं तो तब इसको कुछ मानूंगा अगर इसकी वजह से मोजुदा प्रणाली में कुछेक सुधार होकर के हम सभी को कुछ राहत मिले ….. अओके द्वारा पिलाए गए टानिक के लिया आपका हार्दिक धन्यवाद

surendr shukl bhramar5 के द्वारा
July 7, 2011

जय बोलो स्वामी राज कमल देव की -बड़े दिनों से ये हसरत थी की आप के हाथों से इस मुहूर्त में इस का उद्घाटन हो और ख़ुशी है हो गया -आदरणीया निशा मित्तल जी ने बाजपेयी जी ने भ्रमर ने खुद इस पर गुहार लगायी लेकिन हमने लिखा भी था की दारोगा जी की तीसरी आँख शायद खुले -कुछ होना चाहिए -हमारा कमेन्ट कोड गलत होने से उड़ न जाए -ये तो हो जाए जागरण प्रभु — अगर चैन से सोना है तो जाग जाओ और हर हालत में कमेन्ट करो ….. वर्ना लेखकों की रूहे +हसरते तथा आशाये तुमको परेशान करेंगी — स्वामी जी लेखकों की रूहों तक आप पहुंचे ख़ुशी हुयी उस जनम का भी हम इस जनम में भोग जाएँ ख़ुशी होगी – जय श्री राधे शुक्ल भ्रमर ५

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    आदरणीय भर्मर जी ….सादर प्रणाम ! आपका वोह कमेन्ट मैंने भी पढ़ा था , पहले सोचा की इसके निचे मैं भी कुछ लिख दूँ ….. लेकिन फिर अपने ही मन के वहम से डर गया की अगर कहीं लेख लिखा ना गया तो फिर खिल्ली उड़ेगी ….. औए आदरणीय वाजपेई जी का निरंतर पड़ रहा दबाव तो था ही हर पल ….. सच में उसके बाद ही मैंने कमेन्ट पर ध्यान देना शुरू किया था ….. खुदा का शुक्र है की आपके आशीर्वाद के बलबूते मेरी इज्जत रह गई ….. आपका हार्दिक शुक्रिया जय श्री राधे कृष्ण

Jack के द्वारा
July 7, 2011

यार राजकमल जी, मान गए जागरण जंक्शन के रत्नों में से आप अनोखे ही हो कभी इससे झगड़ते हो तो कभी मंच की मर्यादा उसी तरह बचाते हो जैसे श्रीकृष्ण ने द्रोपद्री की लाज बचाई थी. जागरण जंक्शन आजकल काफी बदल गया है लेकिन एक चीज जो नहीं बदली वह है आपका अंदाज “राजकमलिया अंदाज”. अब तो लगता है जागरण वाले आपको अपनी टीम में ही शामिल कर लें. ब्लॉगिंग के इस मंच पर आप जैसे दोस्तों का मिलना हमेशा ही इस मंच से जुड़ने को सार्थक करता है.

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 7, 2011

    जैक जी बहुत बढ़िया प्रतिक्रिया आप की स्वामी जी के लिए -सुनहरी प्रतिक्रिया इनाम के लायक -अब देखो स्वामी जी की मनः स्थिति इस मुद्दे पर कैसी है -जो भी हो कुछ अच्छा होना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ न हो की दीवार के उस पार पहुँच हम सब से दूरी बढ़ा मिल न पायें नहीं तो ये सब पोस्ट मार्टम और हमारी रूहों तक का ख्याल कौन करने वाला है और – इन सा दम ख़म इतना समय इतनी लिखने की शक्ति शायद ही कहीं और दिखती है – शुक्ल भ्रमर 5

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    प्रिय जैक भाई ….. आदाब ! आज आपने मेरी औकात से कहीं ज्यादा बाते कह दी है …… असल में यह सभी की समान परेशानियों से जुडा हुआ एक सांझा और बेहद अहम मुद्दा है ….. हम जिस कारण + सेतू से एक दूसरे से जुड़े हुए है अगर वोही (कमेन्ट ) कमजोर होगा तो हमारे आपसी रिश्ते तो प्रभावित होंगे ही ….. बस इसी कामना से यह लेख लिखा था की शायद या फिर यकीनन जागरण इस प्रणाली में कोई मूलभूत सुधार करके हम सभी को समान रूप से कोई राहत पहुंचाए ….. आपकी तथा कुछेक चुनिन्दा प्रिय + आदरणीय + पूज्यनीय ब्लागरो के साथ + प्यार + रिश्तों पर मुझको भी नाज है और रहेगा ….. आभार सहित आपका साथी

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    आदरणीय भर्मर जी ….जय श्री राधे कृष्ण ! हरेक मालिक को अपने -२ कुत्ते की आदते तथा औकात पता होती है की यह कब काटेगा तथा कब भोंकेगा और कितना भोंकेगा +काटेगा ….. अब जागरण वाले भी मेरी रग -२ से वाकिफ हो चुके है , इसलिए आपसी समझबूझ से हम आगे बढ़ रहे है …… ऐसा सिर्फ मेरे साथ नहीं बल्कि ज्यादातर के साथ यही हो रहा है समान रूप से ….. लेकिन जिस दिन कोई असमानता दिखी तो फिर आपको पता ही है ….. अगर मेरे जीवन में आप सभी की दुआओं से जीवन के किसी भी क्षेत्र में कोई अच्छा समय आता है तो मैं नहीं समझता हूँ की मुझमे कोई ज्यादा बड़ा बदलाव आ पाएगा …… आपने लावारिस फिल्म देखी ही होगी जिसमे की नायक अपने पुराने कपड़े अपनी औकात के रूप में संभाल कर रखता है ….. बस कुछ इसी तरह की ही सोच मेरी भी है ….. आपका हार्दिक आभार

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 8, 2011

    जय श्री राधे -राज भाई कुछ राज तो पता चला की जे जे वाले मालिक से आप का प्रगाढ़ रिश्ता है – आप में बदलाव नहीं आएगा -सुविचार और प्रशंसनीय -हम भी जुड़े ही रहना चाहते हैं कही तो कोई कान पकड़ने वाला और मरहम लगाने वाला मिले – शुक्ल भ्रमर 5

    rajkamal के द्वारा
    July 10, 2011

    आदरणीय भ्रमर जी …जय श्री राधे कृष्ण ! यह आपसी प्रेम प्यार बिना नोक झोंक के कुछ इसी प्रकार से बना रहे इसी कामना के साथ …. सिर्फ मेरे अकेले के ही नहीं बल्कि हम सभी के सम्बन्ध प्रगाढ़ हो यही इच्छा है …. धन्यवाद सहित आभार

Vinita Shukla के द्वारा
July 7, 2011

उपयोगी जानकारी. धन्यवाद.

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    आदरणीय विनीता जी ….सादर अभिवादन ! सच में ही इस लेख के लिखने का तभी कोई मतलब है अगर इससे किसी का कुछ संवर जाए ….. आपके पढ़ने के बाद इसमें एक लाइन और जोड़ी है कैप्चा के आगे कोड बदलने वाले विकल्प की सुविधा है ….. धन्यवाद

rameshbajpai के द्वारा
July 7, 2011

प्रिय श्री राज जी आपने इतनी रोचकता से इस पोस्ट को भेज कर उपकृत किया है | पर ज्यादा जानकर लोग तो कमेन्ट पोस्ट कर लेते है ,पर हम अनाड़ियो के लिए दिल्ली अभी दूर है मै ऑन लाइन ही लिखता हु ,कमेन्ट न पोस्ट होने की हालत में सारा मैटर गायब हो जाता है , फिर वाही भाव दुबारा कमेन्ट में लिख पाना खीझ के कारण संभव नहीं हो पाता | क्या जागरण से कोई मदद नहीं मिल सकती ?

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    आदरणीय वाजपाई जी सादर प्रणाम ! आपके इस सवाल का जवाब भी इसी लेख में लिखा है लेकिन पता नहीं वोह पैरा आपसे कैसे छूट गया …. उसके इलावा भी एक और लाइन बाद में इस लेख में जोड़ी है ….. यह लेख अगर अस्तित्व में आ पाया है तो उसके प्रेरणा स्त्रोत आप ही है ….. आप अपने लिखे गए कमेन्ट को सिलेक्ट करके “माउस में ही” सेव (कापी ) कर ले ….. अब अगर आपका मैटर वापिस नहीं आता है तो भी फ़िक्र दी कोई गल नही …. आप उसको अपने माउस से क्लिक करके पेस्ट करके फिर से उसी रूप में हुबहू पा सकते है …… आपका आभारी हूँ

संदीप कौशिक के द्वारा
July 6, 2011

अच्छा प्रयास बड़े भाई साहब !! अच्छा लगा…..आपकी चिर-परिचित भाषा-शैली में पढ़कर !! आशा है कि इससे ब्लॉगर बंधुओं को निश्चित रूप से लाभ होगा । आभार आपका !! :)

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    प्रिय सन्दीप भाई ….. नमस्कार ! अगर किसी को थोड़ा सा भी कुछेक फायदा होता है तो मेरा लिखना सार्थक हो जाएगा …. आपके पढ़ने के बाद दो महत्वपूर्ण प्वायंट इसमें जोड़े है किरपा करके उनको भी पढ़ ले ….. आपके इस उत्साहवर्धन के लिए आपका बहुत -२ धन्यवाद

    संदीप कौशिक के द्वारा
    July 9, 2011

    जी हुज़ूर…. :) पढ़ लिए हैं…..दोनों ! आभार आपका मार्ग-दर्शन के लिए ! :)

    rajkamal के द्वारा
    July 10, 2011

    प्रिय संदीप भाई ….आदाब ! आपने लेख को दुबारा से पढ़ा मुझको भी दोगुणी खुशी हुई …. आपका तहेदिल से शुक्रिया

alkargupta1 के द्वारा
July 6, 2011

कमेन्ट संबंधी समस्या के समाधान के लिए बहुत बहुत धन्यवाद राजकमल जी !

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    आदरणीय अलका जी ….सादर प्रणाम ! धन्यवाद तो अब हमको जागरण का करने के लिए खुद को तैयार रखना होगा क्योंकि यकीनन इस दिशा में कोई ना कोई कदम जरूर उठाया जाएगा ….. आपके पढ़ने के बाद दो महत्वपूर्ण प्वायंट इसमें जोड़े है किरपा करके उनको भी पढ़ ले ….. आपका बहुत -२ आभार

J L SINGH के द्वारा
July 6, 2011

धन्यवाद महोदय, परेशानियाँ तो मैं भी झेल रहा था पर आपके अमूल्य सुझाव से सारे लोग लाभान्वित होंगे और ने राजकमल शर्मा को भूलकर श्रीमान राज कमल शर्मा को ही खोजेंगें. आपकी राजकमल देव बाबा के रूप नए अवतार को भी भूलने कीकोशिश करेंगें और हो सकता है आपके प्रवचन सुनने वाले की संख्या में कमी भी हो सकती है क्योंकि आजकल बाबाओं और उनके भक्तों को पुलिस बड़ी बेरहमी से पिटाई कर डालती है. आपका निर्मोही भक्त. -जवाहर

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    July 7, 2011

    जो तोहे खेलन का चाव सिर धर तली मेरी गली आओ मैं ऐसा तो नहीं कहूँगा क्योंकि मैं भगौड़ा नहीं हूँ और ना ही मैं नारी वेश में छुपुन्गा मैं तो आगे बढ़कर अपनी गिरफ्तारी देते हुए आप सभी को महफूज रखूँगा हर बला से किसी सच्चे गुरु की तरह से ….. धन्यवाद

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 8, 2011

    एक नए रूप में देखा -आनंद और मजा आ गया – अब राज + कमल पर कभी कुछ लिख ही दूंगा -बिना इजाजत लिए -ह हा मेरा नाम भ्रमर (भौंरे ) से भर्मर क्यों बना दिए हैं गुरु देव भ्रमर ५

    rajkamal के द्वारा
    July 10, 2011

    आदरणीय भ्रमर जी ….सादर प्रणाम ! नेकी और पूछ -२ आदरणीय वाजपेई जी ने तो आपके नाम का इस्तेमाल कर भी लिया है और आप अभी तक मेरे बारे में सिर्फ सोच ही रहे है …. आज मुझको आपके नाम के सही स्पेलिंग मिल गए है अब आगे से गलती नहीं होगी bhrmar


topic of the week



latest from jagran